
जय साईं राम
Jai Sai Ram
Aarti of Shirdi Sai Baba — the saint of Shirdi revered by Hindus and Muslims alike
जय साईं राम, जय साईं राम। सबका मालिक एक है, साईं राम-राम॥ जय साईं राम।
हे साईं राम! आपकी जय हो। सबका मालिक एक ईश्वर ही है — साईं राम।
Glory to Sai Ram! One God is master of all — Sai Ram.
शिरडी के साईं बाबा, फकीरी में राजा। सबको एक कहते, मिटा दिए भेदा॥ जय साईं राम।
शिरडी के साईं बाबा फकीरी में राज करते थे। सबको एक कहते थे और भेदभाव मिटाते थे।
Shirdi's Sai Baba reigned in simplicity; he called all one and erased every division.
हिंदू-मुस्लिम प्रिय, सब धर्म समाने। श्रद्धा-सबुरी सिखाए, दिल में भगवान दिखाए॥ जय साईं राम।
हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के प्रिय, सब धर्म समान। श्रद्धा और सबुरी सिखाकर हृदय में भगवान दिखाते थे।
Beloved of Hindus and Muslims alike, honouring all faiths; teaching Shraddha and Saburi, showing God in the heart.
लंगर चलाते, भूखे को खिलाते। उदी का प्रसाद दे, रोग मिटाते॥ जय साईं राम।
लंगर चलाते, भूखों को खाना खिलाते, उदी का प्रसाद देकर रोग मिटाते।
Running a community kitchen, feeding the hungry; giving sacred ash as prasad and healing disease.
जय साईं राम की आरती जो गाए। श्रद्धा-सबुरी से भव-सागर तरे जाए॥ जय साईं राम।
जो साईं राम की यह आरती गाता है वह श्रद्धा और धैर्य से संसार-सागर को पार कर जाता है।
Whoever sings this aarti of Sai Ram crosses the ocean of worldly life through faith and patience.



