
जय पार्वती माता
Jai Parvati Mata
Aarti of Goddess Parvati — the daughter of Himalaya and consort of Lord Shiva
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता। ब्रह्म-सनातन रूपा, शिव की प्रिय माता॥ जय पार्वती माता।
हे माँ पार्वती! आपकी जय हो। आप सनातन ब्रह्म-स्वरूपा और भगवान शिव की प्रिय हैं।
Glory to Mother Parvati! The eternal divine form, beloved consort of Lord Shiva.
हिमालय की पुत्री, मेनका की लाड़ली। तपस्या कर शिव पाए, कथा जग में घहराई॥ जय पार्वती माता।
हिमालय की पुत्री, मेनका की प्यारी; कठोर तपस्या करके शिव को पाया — यह कथा जग में प्रसिद्ध है।
Daughter of Himalaya, beloved of Menaka; by fierce austerity she won Shiva — a story renowned in the world.
गौरी-उमा-शैलजा, नाम अनेक तेरे। सती के रूप में थी, अब शिव-संगी मेरे॥ जय पार्वती माता।
गौरी, उमा, शैलजा — आपके अनेक नाम हैं। पहले सती के रूप में और अब शिव की संगिनी।
Gauri, Uma, Shailaja — you have many names. First Sati, now Shiva's eternal companion.
कार्तिक-गणेश की माता, जग-जननी कहाई। दुर्गा-काली-भवानी, तीन रूप दिखाई॥ जय पार्वती माता।
कार्तिक और गणेश की माता, जगत-जननी कही जाती हैं। दुर्गा, काली और भवानी — तीन रूप धारण करती हैं।
Mother of Kartika and Ganesha, called the world-mother; she manifests as Durga, Kali, and Bhavani.
जय पार्वती माता की आरती जो गाए। शिव-पार्वती की कृपा उसे सदा मिल जाए॥ जय पार्वती माता।
जो इस आरती को गाता है उस पर शिव-पार्वती की कृपा सदा बनी रहती है।
Whoever sings this aarti shall always receive the grace of Shiva and Parvati.



