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अनन्तमार्गडिजिटल पंचांग
Jai Annapurna Mata
Annapurna

जय अन्नपूर्णा माता

॥ जय अन्नपूर्णा माता ॥

माँ अन्नपूर्णा की आरती — जो समस्त प्राणियों को अन्न और पोषण देती हैं

जय अन्नपूर्णा माता, मैया जय अन्नपूर्णा माता। स्वर्ण पात्र में भोजन, काशी के विश्वनाथा॥ जय अन्नपूर्णा माता।

हे माँ अन्नपूर्णा! आपकी जय हो। काशी के विश्वनाथ भी सोने के पात्र में आपसे भोजन पाते हैं।

Glory to Mother Annapurna! Even Vishwanatha of Kashi receives food from her in a golden vessel.

शिव के संग विराजें, काशी की रानी। भूखे को भोजन दें, यही बड़ाई॥ जय अन्नपूर्णा माता।

शिव के साथ विराजमान काशी की रानी, जो भूखे को भोजन देती हैं — यही उनकी सबसे बड़ी महिमा है।

Queen of Kashi, enthroned with Shiva; her greatest glory is feeding the hungry.

सब प्राणी के पालक, अन्न की दाती। धरती माँ सम अपनी, करुणा बरसाती॥ जय अन्नपूर्णा माता।

सभी प्राणियों का पालन करने वाली, अन्न देने वाली; धरती माँ की तरह करुणा बरसाने वाली।

Nourisher of all beings, giver of grain; showering compassion like Mother Earth.

जय अन्नपूर्णा माता की आरती गाएँ। घर में अन्न-धन, कभी न घटे पाएँ॥ जय अन्नपूर्णा माता।

माँ अन्नपूर्णा की यह आरती गाएँ और घर में अन्न-धन सदा बना रहे।

Sing this aarti of Mother Annapurna and may food and wealth never diminish at home.

Traditional Shakta Aartiसभी आरती