✦ आज: कृष्ण पक्ष तृतीया· जन्माष्टमी · 4 दिन में· एकादशी · 7 दिन में· प्रदोष · 9 दिन में· अमावस्या · 11 दिन में
अनन्तमार्गडिजिटल पंचांग
Jai Indra Deva
Indra

जय इंद्र देव

॥ जय इंद्र देव ॥

इंद्र देव की आरती — देवराज, वर्षा के स्वामी, वज्र-धारी स्वर्ग के राजा

जय इंद्र देव, जय देवराज। वज्र हाथ में, ऐरावत पर साज॥ जय इंद्र देव।

हे इंद्र देव! हे देवराज! आपकी जय हो। हाथ में वज्र लिए और ऐरावत हाथी पर सवार।

Victory to Indra Deva, king of the gods! Wielding the thunderbolt, riding Airavata the white elephant.

वर्षा के स्वामी तुम, जीवन दाता। खेत-खलिहान भरे, अन्नदाता॥ जय इंद्र देव।

वर्षा के स्वामी आप ही जीवन देते हैं। खेत-खलिहान भरकर अन्न-दाता बनते हैं।

You, lord of rain, are the giver of life; filling fields and granaries, you sustain all through food.

अमरावती में बसते, स्वर्ग के राजा। देव-गुरु बृहस्पति, सदा साथ साजा॥ जय इंद्र देव।

अमरावती में बसते हैं, स्वर्ग के राजा। गुरु बृहस्पति सदा उनके साथ रहते हैं।

Residing in Amaravati, king of heaven; Guru Brihaspati always accompanies him.

जय इंद्र देव की आरती जो गाए। वर्षा-समृद्धि-सुख का वरदान पाए॥ जय इंद्र देव।

जो इंद्र देव की यह आरती गाता है उसे वर्षा, समृद्धि और सुख का वरदान मिलता है।

Whoever sings this aarti of Indra Deva receives the boon of rain, prosperity, and happiness.

Traditional Vedic Aartiसभी आरती