
जय जय नवदुर्गा
नवदुर्गा की आरती — नवरात्रि के नौ पवित्र दिनों में पूजित नौ दिव्य रूप
जय जय नवदुर्गा, जय जय नवदुर्गा। नव-रात्रि में पूजित, नौ रूप अनूपा॥ जय जय नवदुर्गा।
नवदुर्गा की जय हो। नवरात्रि में पूजित नौ अनुपम रूपों की जय हो।
Victory to Navdurga! Nine incomparable forms worshipped through the nine sacred nights.
शैलपुत्री-ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा सुंदरी। कूष्माण्डा-स्कंदमाता, पंचम रूप मनोहरी॥ जय जय नवदुर्गा।
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा और स्कंदमाता — पाँच मनोहर रूप।
Shailputri, Brahmacharini, Chandraghanta, Kushmanda, Skandamata — five captivating forms.
कात्यायनी-कालरात्रि, महागौरी भवानी। सिद्धिदात्री नवमी, नौ रूप की स्वामिनी॥ जय जय नवदुर्गा।
कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी भवानी और सिद्धिदात्री — ये नौ रूपों की स्वामिनी हैं।
Katyayani, Kalratri, Mahagauri Bhavani, Siddhidatri — mistress of all nine forms.
नवरात्रि के नौ दिन, माँ की उपासना। नव रूपों की आरती, पूर्ण हो भावना॥ जय जय नवदुर्गा।
नवरात्रि के नौ दिनों में माँ की उपासना करो और नौ रूपों की आरती से भाव पूर्ण हो।
Worship the Mother through nine days of Navratri; may the aarti of nine forms fulfil your devotion.
जय जय नवदुर्गा की आरती जो गाए। नव-रात्रि का फल, मनवांछित पाए॥ जय जय नवदुर्गा।
जो नवदुर्गा की यह आरती गाता है उसे नवरात्रि का पूर्ण फल और मनचाहा वरदान मिलता है।
Whoever sings this aarti of Navdurga receives the full fruit of Navratri and their heart's desire.



