
जय राधे कृष्ण
राधा-कृष्ण की आरती — वृंदावन के शाश्वत दिव्य युगल की स्तुति
जय राधे कृष्ण, जय राधे कृष्ण। जय जय राधे, जय राधे कृष्ण॥
राधे कृष्ण की जय हो। राधा और कृष्ण की जय हो।
Victory to Radha-Krishna. Glory to Radha and Krishna.
वृंदावन विहारी, यमुना के किनारे। राधा संग नाचत, मुरली बजाए॥ जय राधे कृष्ण, जय राधे कृष्ण।
वृंदावन में विचरण करने वाले, यमुना के किनारे राधा के साथ नृत्य करते और मुरली बजाते हैं।
Wandering in Vrindavan, dancing with Radha on the banks of Yamuna, playing the flute.
माखन-मिश्री प्रिय है, लड्डू-पेड़ा भाए। भक्तन को दर्शन दे, संकट मिटाए॥ जय राधे कृष्ण, जय राधे कृष्ण।
माखन-मिश्री और लड्डू-पेड़ा प्रिय हैं, भक्तों को दर्शन देते और उनके संकट मिटाते हैं।
Fond of butter, sweets, and laddoos; granting darshan to devotees and removing all their troubles.
राधा रानी की प्रीत, कृष्ण की महिमा। दोनों की आरती से, मिले जगत सुखमा॥ जय राधे कृष्ण, जय राधे कृष्ण।
राधा की प्रेम-भक्ति और कृष्ण की महिमा — इन दोनों की आरती से जग को सुख प्राप्त होता है।
The love of Radha Rani and the glory of Krishna — through this aarti the world attains happiness.
जय राधे कृष्ण की आरती जो गाए। प्रेम-भक्ति का दान वो पाए॥ जय राधे कृष्ण, जय राधे कृष्ण।
जो इस आरती को गाता है उसे प्रेम और भक्ति का आशीर्वाद मिलता है।
Whoever sings this aarti receives the blessing of love and devotion.



