
नर्मदे हर नर्मदे हर
माँ नर्मदा की आरती — मध्य भारत की पावन नदी माँ नर्मदा की स्तुति
ॐ नमामि देवी नर्मदे, नर्मदे हर, नर्मदे हर। तट नागरी माँ नर्मदे, नर्मदे हर, नर्मदे हर॥
हे देवी नर्मदे! मैं आपको नमन करता हूँ। अपने तट पर नागरों (नगरों) में विराजमान माँ नर्मदे, पाप हर लो।
I bow to you, O Goddess Narmada! O Narmada who dwells in the towns along your banks — take away our sins.
रत्नागर्भे महाशक्ते, त्राहि त्राहि नमामिते। पापताप हरो माता, नर्मदे हर, नर्मदे हर॥
हे रत्नों की गर्भधारिणी महाशक्ति! आपको नमन है, हमारी रक्षा कीजिए। हे माता! पापों और तापों को हर लीजिए।
O great power who carries gems in your womb, we bow and seek your protection. O Mother, remove our sins and afflictions.
सागरे संगमे पुण्ये, मेखला गिरि मण्डिते। मुक्तिदायिनी माते, नर्मदे हर, नर्मदे हर॥
समुद्र से संगम में पवित्र, मेखला पर्वत से सुशोभित — हे मुक्तिदायिनी माता नर्मदे! पाप हर लो।
Holy at the confluence with the ocean, adorned by the Maikala mountains — O Mother Narmada, bestower of liberation, take away our sins.
अमरकण्टक जलधारे, पावन तीर्थ विहारे। शंकर-प्रिया देवि माँ, नर्मदे हर, नर्मदे हर॥
अमरकण्टक से निकलने वाली जलधारा, पावन तीर्थों में विचरण करने वाली, भगवान शंकर की प्रिय देवी माँ नर्मदे।
O stream flowing from Amarkantak, roaming through sacred pilgrimage sites, beloved goddess of Lord Shankara — Narmada, take away our sins.
दर्शनात् पाप-नाशिनि, स्नानात् मुक्तिदायिनि। कोटि तीर्थ फलदायिनि, नर्मदे हर, नर्मदे हर॥
आपके दर्शन मात्र से पाप नष्ट होते हैं, स्नान से मुक्ति मिलती है और करोड़ों तीर्थों का फल प्राप्त होता है।
Your mere sight destroys sins; bathing in You grants liberation; You give the fruit of a crore of pilgrimages.



