🌐जुड़ा हुआ ज्ञान तंत्र (संबंधित तीर्थ एवं साधना)
अनन्तमार्ग के मंदिरों, तीर्थों, पर्वों, व्रतों और स्तोत्रों से सीधा संबंध ⏳ पंचांग काल-मुहूर्त संबंध (प्रमाणित परंपरा)संबंधित तिथियां: कार्तिक अमावस्या की रात पूर्वी भारत (बंगाल, असम, ओडिशा) में श्यामा पूजा (काली पूजा) के रूप में मनाई जाती है।नवरात्रि की सातवीं तिथि माँ कालरात्रि को समर्पित है, जो अज्ञान और भय का नाश करती हैं।
पूजन वार (दिन): शनिवार का दिन माँ काली की आराधना और शनि के प्रकोप से रक्षा के लिए विशेष रूप से फलदायी है।मंगलवार को भी माँ काली के दर्शन और पूजन का विशेष विधान है।
पावन दैनिक काल-खंड (मुहूर्त): निशीथ काल (मध्यरात्रि साधना काल) — अमावस्या की मध्यरात्रि का निशीथ काल माँ काली की आराधना, तांत्रिक साधना और भय-निवारण हेतु सर्वश्रेष्ठ है।[Kalikula Tantra / Mahanirvana Tantra]
ℹ️ निशीथ काल (मध्यरात्रि का समय) माँ काली की तांत्रिक और सात्विक पूजा के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है।