षडानन का दिव्य प्राकट्य और तारकासुर वध
तारकासुर के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान शिव के तेज से छह दिव्य बालक प्रकट हुए, जिनका पालन कृत्तिका नक्षत्र की माताओं ने किया। माता पार्वती ने जब उन्हें स्नेह से गले लगाया, तो वे छह बालक एक होकर 'षडानन' कहलाए। भगवान कार्तिकेय ने देवसेना का नेतृत्व करते हुए तारकासुर का वध किया।