श्रीमद्भगवद्गीता: जीवन का शाश्वत मार्गदर्शन
कुरुक्षेत्र के मैदान में जब अर्जुन विषादग्रस्त हुए, तब श्री कृष्ण ने उन्हें गीता का अमर उपदेश दिया। कर्मण्येवाधिकारस्ते का सिद्धांत सिखाते हुए उन्होंने बताया कि कर्म पर तुम्हारा अधिकार है, फल पर नहीं। गीता आज भी कर्तव्य-पालन और मानसिक शांति का सर्वोच्च मार्गदर्शक ग्रंथ है।