प्रथम पूज्य का वरदान: गणेश जी की सर्वप्रथम पूजा क्यों?
किसी भी शुभ कार्य या यज्ञ में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा होती है। पौराणिक कथा के अनुसार जब देवताओं में संपूर्ण ब्रह्मांड की परिक्रमा की होड़ लगी, तब कार्तिकेय अपने मयूर पर उड़ चले। वहीं गणेश जी ने अपने माता-पिता शिव-पार्वती की परिक्रमा कर यह सिद्ध किया कि माता-पिता के चरणों में ही संपूर्ण ब्रह्मांड है। उनके इस विवेक से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें 'प्रथम पूज्य' का वरदान दिया।