
Ganesha
गणेश मंत्र
मंत्र (देवनागरी)
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ॐ गं गणपतये नमः॥
एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
हे घुमावदार (वक्र) सूंड वाले, विशालकाय शरीर वाले तथा करोड़ सूर्यों के समान दिव्य तेजस्वी भगवान श्री गणेश! आप कृपा करके सदैव मेरे सभी शुभ कार्यों को बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न करने का वरदान दें।
ॐ, समस्त श्रेणियों, गणों तथा विघ्नों के स्वामी भगवान गणपति को बीजाक्षर 'गं' के साथ मेरा आदरपूर्वक नमस्कार है।
हम एक दांत वाले (एकदंत) भगवान गणेश को जानते हैं और उन टेढ़ी सूंड वाले (वक्रतुंड) देव का ध्यान करते हैं। वे गजमुख प्रभु हमारी बुद्धि और विचार शक्ति को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
इस मंत्र के बारे में
Sacred obstacle-removing mantras of Lord Ganesha
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