शांति मंत्र
ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः। वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ, द्युलोक (आकाश) में शांति स्थापित हो, अंतरिक्ष में शांति हो, पृथ्वी पर शांति हो, जल में शांति हो, औषधियां शांतिकारक हों, समस्त वनस्पतियां शांति प्रदान करने वाली हों, संपूर्ण विश्वेदेव शांत हों, ब्रह्म शांत हो, सर्वत्र शांति ही शांति व्याप्त हो — और वह परम शांति मुझमें भी प्रवेश करे। ॐ शांतिः, शांतिः, शांतिः (आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक तीनों ताप शांत हों)।
ॐ, परमेश्वर हम दोनों (गुरु और शिष्य) की साथ-साथ रक्षा करे, हम दोनों का साथ-साथ पोषण करे, हम दोनों साथ मिलकर महान कार्य और विद्या का सामर्थ्य अर्जित करें। हमारा अर्जित ज्ञान तेजस्वी और प्रभावकारी हो तथा हम कभी भी आपस में द्वेष न करें। ॐ शांतिः, शांतिः, शांतिः।
ॐ, सब सुखी हों, सब रोगमुक्त व निरोगी रहें, सब कल्याणकारी दृश्यों को देखें और किसी भी जीव को कोई दुख न भोगना पड़े। ॐ शांतिः, शांतिः, शांतिः।
इस मंत्र के बारे में
Universal Vedic prayers for cosmic peace, harmony, and well-being